सर्दी-ज़ुकाम एक आम समस्या है, खासकर बदलते मौसम में। जुकाम में व्यक्ति को नाक से पानी बहना, नाक में खुजली होना, गले में खराश, नाक बंद होना, सिर में दर्द एवं भारीपन, आँखों में जलन, खाँसी, बुखार, छींक आना आदि समस्याओ से गुजरना पड़ता है। हम इन समस्याओ के समाधान के लिए दवा लेने लगते है। दवाओं का हमारे शरीर पर विपरीत असर भी पड़ता है।
दवाईयां लेने से बेहतर है कि पहले घर में रखी घरेलू चीज़ों से देसी इलाज करें क्योंकि ये शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। हमारी घर की रसोई में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीज़ें सर्दी-ज़ुकाम से राहत दिला सकती हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान घरेलू उपाय।
१ - अदरक
सर्दियों में अदरक का सेवन करने से सर्दी-जुकाम में लाभ मिलता है। इसमें मौजूद तत्व गले के दर्द, गले की खराश, कफयुक्त खांसी आदि को रोकने में मदद करते है। कफयुक्त खांसी में दूध में अदरक को कुछ देर उबालकर पीने से आराम मिलता है। अदरक की चाय का सेवन तो सर्दी में अधिकतर लोग करते है।

खांसी-जुकाम से छुटकारा पाने के लिए अदरक का काढ़ा बनाकर पिया जा सकता है 1 या 2 अदरक के छोटे-टुकड़े, 2 काली मिर्च, 4 लौंग और 5-7 तुलसी की ताजी पत्तियां पीसकर एक गिलास पानी में उबालें। जब पानी उबलकर आधा गिलास रह जाए, तब इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से आराम मिलता है। अदरक के रस में शहद मिलाकर चाटने से भी जुकाम में आराम मिलता है।
अदरक के छोटे-छोटे टुकड़ों को देसी घी में भूनकर दिन में 3-4 बार पीसकर खाने से नाक से पानी बहने की समस्या से आराम मिलता है।
२ - तुलसी
सर्दी, जुकाम, खांसी , बुखार और संक्रमण को दूर करने में तुलसी बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है। खाँसी और जुकाम होने पर तुलसी की 10-12 पत्तियां को पीसकर और अदरक को पानी में उबालकर चाय बनाएं और शहद मिलाकर पीएं। इस तरह चाय बना केर पीने से जुकाम में आराम मिलता है।
नाक बंद होने पर तुलसी की मंजरियों को रुमाल में रखकर सूंघने से नाक खुल जाती है आराम मिलता है।छोटे बच्चों को जुकाम होने पर 6-7 बूंद अदरक एवं तुलसी का रस शहद में मिलाकर चटाने से सर्दी जुकाम में आराम मिलता है।
ठंड के मौसम में तुलसी की पत्तियां को रोज चबा कर खाने से सर्दी-ज़ुकाम दूर रहता है। तुलसी का जूस शरीर के तापमान को कम करता है। यह बच्चों के लिए अधिक प्रभावी होता है। तुलसी के पत्तों को पानी में उबालें और फिर उसे छान कर 2-3 घंटे के अंतराल में पिएं।
३ - हल्दी
हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। रात को सोने से पहले हल्दी दूध पिएं। एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच हल्दी पाउडर डालकर पीने से बंद नाक और गले की खराश में आराम मिलता है। नाक से पानी बहना भी बंद हो जाता है।
एक चम्मच शहद में चुटकी भर हल्दी पाउडर मिला कर दिन में २ से ३ बार इसका सेवन करने से सर्दी जुकाम की समस्या आराम मिलता है। गर्म पानी में हल्दी पाउडर मिला कर सुबह पीने से सर्दी व कफ में आराम मिलता है।
४ - भाप लेना
सर्दी, खांसी और जुकाम का सबसे ज्यादा असरदार इलाज गर्म पानी की भांप है। भाप लेने के लिए भाप की मशीन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। गर्म पानी में नीलगिरी तेल या पुदीने का तेल की कुछ बूंदें डालकर भाप लेने से बंद नाक खुलती है और सर्दी खांसी से आराम मिलता है।
एक बर्तन में पानी लें कर उसे तेज गर्म करें। जब पानी तेज गर्म हो जाएं तो इस में विक्स मिला लें। अब तेज गर्म पानी के बर्तन के ऊपर अपने चेहरे को 30 सेंटीमीटर की दूरी पर रखें। सिर को टॉवेल से अच्छी तरह से ढंक लें और अब लंबे लंबे सांस लें। भाप कम से कम 5-10 मिनट तक लें, ताकि गर्म हवा आपके फेफड़ों तक पहुंच कर आपको सर्दी खासी और कफ से निजात दिलाएं।
भाप लेने से न केवल सर्दी ठीक होती है बल्कि गले में जमा हुआ कफ भी आसानी से निकल जाता है। अस्थमा के मरीजों को लिए भाप लेने के बेहद फायदे है। भाप सीने से कफ को साफ करती है और सांस असानी से लेने में मदद करती है। भाप गले की खराश और सूजन को भी कम करती है।
५ - सरसों का तेल
सर्दी-ज़ुकाम में सरसों के तेल का इस्तेमाल करने से कई तरह के फ़ायदे होते है। सरसों के तेल में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फ़ंगल, और एंटी-इंफ़्लेमेटरी गुण होते है। सरसों के तेल से छाती की मालिश करने से सीने में जमा कफ़ से राहत मिलती है और बलगम बाहर निकल जाता है। सरसों का तेल, लहसुन और अजवाइन इन सभी सामग्री को मिला कर तैयार तेल से मालिश करने पर आराम मिलता है
लहसुन, अजवाइन और सरसों का तेल तैयार करने के लिए पहले 1 कप सरसों का तेल हल्का गर्म करें। इसमें 10 से 12 लहसुन की कलियां और एक चम्मच अजवाइन डालें। इस तेल को अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से लहसुन और अजवाइन की खुशबू आने लगे तो गैस को बंद कर दें। इसके बाद तेल को ठंडा करके स्टोर कर लें। इस तेल से पैर-हाथ और पीठ की मालिश करें और फिर रात में सोने से पहले पैरों के तलवों में तेल रगड़ मालिश करें आराम मिलेगा।
बंद नाक को खोलने के लिए भी नाक में सरसों का तेल डालना बेहद फायदेमंद होता है। दिन में दो बार नाक में सरसों का तेल डालें, बंद नाक खुल जाती है।
६ - काली मिर्च
काली मिर्च की तासीर गर्म होती है, जिसकी वजह से ये सर्दी-जुकाम व मौसमी फ्लू से बचाव में मददगार है। काली मिर्च के चूर्ण को शहद के साथ चाटने से जुकाम में आराम मिलता है, और नाक से पानी बहना कम हो जाता है।
काली मिर्च के पाउडर को गुड में मिलाकर उसकी छोटी छोटी गोलियां बनाकर दूध के साथ सेवन करने से जल्दी खांसी से आराम मिलता है।
छोटे बच्चों को सर्दी जुकाम होने पर शहद के साथ काली मिर्च का पाउडर मिलाकर दो से तीन बार देने से ही उन्हें राहत मिलगी।
ये छोटे छोटे घरेलू उपचार सर्दी-ज़ुकाम को जल्दी ठीक करने में मदद करेंगे। अगर इन सब उपाय से भी आराम न मिले और सर्दी जुकाम की समस्या बढ़ने लगे तो डॉक्टर से संपर्क करें।




